Paris Fashion Week Spring/Summer 2027 विदाइयों, आर्काइव से लिए गए संदर्भों और रचनात्मक प्रयोगों के नाम रहा। कुछ फैशन हाउस अपनी पहचान बचाए रखने पर अड़े हैं, तो कुछ उसे धीरे-धीरे इतनी बदल रहे हैं कि पहचानना मुश्किल हो जाए। कुछ कलेक्शन हर बारीकी को करीब से देखने को कहते हैं, जबकि कुछ याद दिलाते हैं कि बेदाग टेलरिंग भर से फैशन दिलचस्प नहीं बन जाता।
Dior
Jonathan Anderson अपने पिछले मेन्सवियर कलेक्शन में पेश की गई कोमलता और हल्केपन को आगे बढ़ा रहे हैं। ऑर्गेंज़ा जैकेट्स, असममित ड्रेसेज़, फटे हुए किनारों वाली स्कर्ट्स और फ्लोरल सिल्हूट्स ने उनके पहचानने योग्य सौंदर्यबोध को और निखारा।
इस बार डिज़ाइनर ने अपने विचारों को ज्यादा पहनने योग्य और व्यावसायिक रूप से आकर्षक बनाया, हालांकि कोई बुनियादी नई बात नहीं जोड़ी। आज बड़े फैशन हाउसों से जितने कलेक्शन पेश करने की अपेक्षा की जाती है, उसे देखते हुए यह निरंतरता समझ में आती है।
Maison Margiela
Glenn Martens ने अपने नए कलेक्शन में घर की मरम्मत को केंद्रीय विषय बनाया और कंस्ट्रक्शन साइट की अफरातफरी को एक अलग सौंदर्यबोध में ढाल दिया। कार्डबोर्ड कॉर्सेट्स, पर्दों से बनी ड्रेसेज़, पेंट के दाग वाले परिधान, शरीर के चारों ओर लपेटी गई पेंटिंग्स और एक्सेसरीज़ के रूप में इस्तेमाल किए गए धातु के किचनवेयर।
हर चीज़ जानबूझकर असहज बैठती है, कपड़े के नीचे से बाहर निकलती दिखती है या अधूरी-सी लगती है। इस दिखने वाले बिखराव के पीछे डी-कंस्ट्रक्शन पर बेहद सोच-समझकर किया गया काम है, जो Maison Margiela को उसके संस्थापक की प्रयोगधर्मी भावना के और करीब ले जाता है।
Saint Laurent
Anthony Vaccarello के दौर का Saint Laurent जितनी शानदार शुरुआत के साथ आया था, उतने ही नाटकीय अंदाज़ में उसका स्वर्णिम अध्याय समाप्त हुआ। आखिरी बार डिज़ाइनर ने अपने सिग्नेचर सिल्हूट्स को दोहराया: उभरे हुए कंधे, पेंसिल स्कर्ट्स, गहरे नेकलाइन और आसमान छूती हील्स। लेदर, ब्रोकेड, लेटेक्स और सिल्क पहले सुनहरी चमक में दमके, फिर काले रंग में ढल गए। Charlotte Gainsbourg की आखिरी उपस्थिति ने शो में भावनाओं की एक और परत जोड़ दी। पिछले एक दशक से Saint Laurent को परिभाषित करने वाले इस सौंदर्यबोध को यह बेहद खूबसूरत विदाई थी, और सीज़न के सबसे असरदार पलों में से एक भी।
Dries Van Noten
Julian Klausner ने एक बार फिर जटिल प्रिंट्स, असममिति और अलग-अलग वज़न वाले फैब्रिक्स को मिलाने में अपनी महारत दिखाई। खास तौर पर वे परफ्यूम विज्ञापन प्रिंट्स ध्यान खींचते हैं, जिन्हें विंटेज फिल्म पोस्टर्स जैसा बनाया गया था। समृद्ध रंगों और लेयर्ड टेक्सचर्स के बावजूद कलेक्शन परिष्कृत और स्त्रैण लगा। यह ऐसा शो था जिसमें हर छोटे डिटेल को उतना ही ध्यान चाहिए था, जितना पूरे लुक को।
Balenciaga
Balenciaga के लिए Pierpaolo Piccioli के आखिरी कलेक्शन ने फिर से Cristóbal Balenciaga के आर्काइव और 2006 के Nicolas Ghesquière सिल्हूट्स का सहारा लिया। लेस, पेप्लम्स और विशिष्ट अनुपातों को ज्यादा संयत, लगभग क्लिनिकल अंदाज़ में पेश किया गया। मगर आकार जितने सरल होते गए, उनमें से मूल किरदार का बड़ा हिस्सा भी निकलता गया। Piccioli एक तकनीकी रूप से सधा हुआ, लेकिन भावनात्मक रूप से दूर कलेक्शन छोड़ गए। इसने हाउस के लिए उनके दृष्टिकोण की मुख्य कमी भी सामने रख दी: जरूरत से ज्यादा सावधानी सबसे उल्लेखनीय आर्काइव संदर्भों से भी उनका व्यक्तित्व छीन सकती है।
इन पांच शो ने दिखाया कि किसी फैशन हाउस की विरासत का सम्मान करने और उसी के बंधनों में सिमट जाने के बीच की रेखा कितनी महीन होती है। कुछ डिज़ाइनर्स ने परिचित कोड्स को अपने निजी अंदाज़ में बदल दिया, जबकि कुछ में उनसे आगे जाने का भरोसा नहीं दिखा। Vol. 2 में नज़र उन ब्रांड्स पर होगी जो प्रयोग, व्यावसायिक आकर्षण और विमेन्सवियर की नई सोच के बीच अपना संतुलन तलाश रहे हैं।