अपने नए कलेक्शन में Prada एक बार फिर कला की ओर रुख करता है, मगर पेंटिंग्स को सीधे कपड़ों पर उतार देने के अंदाज़ में नहीं। Miuccia Prada और Raf Simons रंग, कंपोज़िशन, रेखाओं और अलग-अलग कलाकृतियों के स्वभाव के साथ काम करते हैं, फिर इन तत्वों को कलेक्शन में ढालते हैं।
यह बात स्कर्ट्स में सबसे साफ़ दिखती है। एक ही परिधान अलग-अलग कलात्मक दृष्टिकोणों का कैनवस बन जाता है।
Anne Truitt, Damask, 1980
अमेरिकी कलाकार Anne Truitt अपनी मिनिमलिस्ट वर्टिकल संरचनाओं और रंगों के बेहद सटीक इस्तेमाल के लिए जानी जाती थीं। Damask में एक संकरी, लंबी संरचना को हरे रंग के विपरीत शेड्स में बाँटा गया है।
Prada इसी विचार को एक सफ़ेद स्कर्ट में उतारता है, जिसके एक किनारे पर लंबा हरा पैनल है। न कोई सीधा प्रिंट है, न कलाकृति की हूबहू नकल करने की कोशिश। इसके बजाय, उसकी प्रपोर्शन्स और रंग परिधान की बनावट का हिस्सा बन जाते हैं।
Kazuo Shiraga, Chijikusei Gotenrai, 1961
Kazuo Shiraga के साथ बात कहीं अधिक उग्र हो जाती है। Gutai समूह से निकटता से जुड़े इस जापानी कलाकार ने पेंटिंग को एक शारीरिक क्रिया की तरह लिया था और वे अपने पैरों से कलाकृतियाँ बनाने के लिए मशहूर थे।
उनके लाल, काले और सफ़ेद ब्रश-जेस्चर Prada की एक स्कर्ट पर बेतरतीब, पेंट की हुई सतह बनकर उभरते हैं। यहाँ मूल रचना की ऊर्जा बची रहती है: अनियमित रेखाएँ, छींटे और गति। शरीर पर आते ही, कपड़े की हरकत के साथ यह कंपोज़िशन एक नया आयाम ले लेती है।
Mark Rothko, No. 2 (Blue, Red and Green), 1953
Rothko अपनी रंगों की विशाल सतहों के कारण लगभग तुरंत पहचाने जाते हैं। Prada इसी सिद्धांत को अपनाकर स्कर्ट को गुलाबी और काले रंग के ब्लॉक्स तक सीमित कर देता है।
फिर भी पेंटिंग को शब्दशः उद्धृत करने की ज़रूरत नहीं पड़ती। रंगों का आपसी रिश्ता, उनका पैमाना और उनकी प्लेसमेंट ही इस जुड़ाव को साफ़ कर देते हैं।
Utagawa Kunisada, Sumidagawa Bairo Shinshi, 1847
कहीं और Prada एक बिल्कुल अलग कलात्मक परंपरा की ओर मुड़ता है। Utagawa Kunisada की रचना उन्नीसवीं सदी की जापानी वुडब्लॉक प्रिंटिंग को इस बातचीत में लाती है, अपनी सजावटी सतहों, फ्लोरल मोटिफ़्स और बारीक कंपोज़िशन्स के साथ।
कलेक्शन में यह संदर्भ एक नाज़ुक फ्लोरल पैटर्न और वर्टिकल पैनल वाली स्कर्ट पर दिखाई देता है। Truitt के मिनिमलिज़्म और Shiraga के एब्स्ट्रैक्शन के साथ इसे देखना लगभग अप्रत्याशित लगता है। और यही इस मेल को दिलचस्प बनाता है।
Mary Heilmann, Tehachapi #1, 1979
Mary Heilmann के साथ Prada साधारण ज्योमेट्री और रंगों को पकड़ता है। गुलाबी बैकग्राउंड, काले रंग का एक बड़ा क्षेत्र, बहुत कम तत्व।
स्कर्ट पर इस कंपोज़िशन को लगभग अनुवाद की ज़रूरत ही नहीं पड़ती। पेंटिंग पहले से ही उन सिद्धांतों पर काम करती है जो फैशन डिज़ाइन से बेहद करीब हैं: रंग, स्केल और अनुपात ही सब कुछ तय करते हैं।
Anne Truitt, Apricacin, 1962
कलेक्शन एक बार फिर Truitt की ओर लौटता है, इस बार एक गहरी सतह के ज़रिए जिसे चमकीली लाल-नारंगी वर्टिकल स्ट्राइप काटती है।
Prada इसी विचार को एक काली स्कर्ट में लाता है, जिसके किनारे पर कॉन्ट्रास्टिंग स्ट्राइप चलती है। यहाँ भी कलाकृति परिधान की कंपोज़िशन तय करती है; वह ऊपर से चिपकाया गया डेकोरेशन नहीं बनती।
इन संदर्भों को साथ देखकर ही उनका आकर्षण खुलता है। Prada इस कलेक्शन को प्रतिकृतियों की प्रदर्शनी में नहीं बदलता। कोई कलाकार रंग देता है, कोई जेस्चर, कोई ज्योमेट्री या सतह को विभाजित करने का तरीका। रनवे पर यह सब Prada की अपनी विज़ुअल लैंग्वेज का हिस्सा बन जाता है।
और शायद Raf Simons का हाथ यहीं सबसे स्पष्ट दिखता है। समकालीन कला के साथ उनका रिश्ता लंबे समय से फैशन के प्रति उनके दृष्टिकोण का हिस्सा रहा है, लेकिन संदर्भ तब सबसे असरदार लगता है जब वह तुरंत अपना परिचय न दे। पहले नज़र कपड़ों पर ठहरे। फिर मन करे जानने का कि वे आए कहाँ से हैं।