Maison Margiela और Gentle Monster अपने सहयोग को आम फैशन पार्टनरशिप के दायरे से कहीं आगे ले जा रहे हैं। इस बार केंद्र में उनका चौथा संयुक्त आईवियर कलेक्शन है, जिसकी बुनियाद डी-कंस्ट्रक्शन के विचार पर रखी गई है। सियोल में इसकी प्रस्तुति अपने-आप में एक परफॉर्मेंस बन गई, जिसने परिचित रूपों को तोड़कर नया आकार देने के विचार को साकार रूप दिया।
इस परफॉर्मेंस को कोरियोग्राफर और क्रिएटिव डायरेक्टर Damien Jalet तथा कलाकार Ian McMahon ने रचा। इसकी शुरुआत McMahon द्वारा डिजाइन की गई प्लास्टर संरचना को तोड़ने से हुई। फिर यह डांसर्स की हरकतों, वस्तुओं के साथ उनकी परस्पर क्रिया और रोशनी के खेल के जरिए खुलता गया। पूरा स्पेस लगातार बदलता रहा: संरचनाएं अपनी मूल शक्ल खोती गईं, शरीर बचे हुए टुकड़ों के साथ संवाद करते रहे और विनाश नई गति का शुरुआती बिंदु बन गया।
यह Maison Margiela की विजुअल भाषा का स्वाभाविक विस्तार है। डी-कंस्ट्रक्शन लंबे समय से इस हाउस के सबसे अहम रचनात्मक सिद्धांतों में रहा है। फैशन में इसका अर्थ है पारंपरिक निर्माण-विधियों को नकारना: खुली सिलाइयां, अधूरे किनारे, बदले हुए अनुपात और वे संरचनाएं जो आमतौर पर छिपी रहती हैं। इस परफॉर्मेंस में वही सोच शरीर, वस्तुओं और मंच की वास्तुकला पर लागू की गई।
ऐसा आईवियर जो जानबूझकर अधूरा लगे
29 अक्टूबर को लॉन्च होने वाले इस कलेक्शन में 68 स्टाइल शामिल हैं: 43 सनग्लासेस और 25 ऑप्टिकल फ्रेम्स। कुछ में जानबूझकर विकृत, लगभग दबे हुए फ्रेम हैं, जबकि कुछ अपने अतिरंजित वॉल्यूम और मास्क-जैसे सिल्हूट के कारण अलग दिखते हैं, जो चेहरे को आंशिक रूप से ढक लेते हैं। यहां पतले, ऊपर की ओर उठे हुए फ्रेम भी हैं, जिन पर लेदर-जैसी सामग्री लिपटी है और जो दूसरी त्वचा जैसा असर देती है।
फ्रेम की टेम्पल्स पर Maison Margiela की पहचान बन चुकी चार सफेद टांके मौजूद हैं। पतले स्टाइल्स में इस परिचित डिटेल को नए ढंग से पेश किया गया है, जिससे टांके फ्रेम के किनारों के ऊपर तैरते हुए प्रतीत होते हैं।
यहां डी-कंस्ट्रक्शन महज एक विजुअल इफेक्ट नहीं है। परिचित वस्तु पहचान में आती रहती है, लेकिन उसका आकार अस्थिर हो जाता है, मानो आईवियर निर्माण और विनाश के ठीक बीच के किसी क्षण में कैद हो। अधूरेपन का यही भाव इस कलेक्शन के केंद्र में है।
आईवियर से आगे, एक पूरा ब्रांड यूनिवर्स
सियोल की परफॉर्मेंस इस कैंपेन का सिर्फ एक हिस्सा है। इस कलेक्शन के लिए फिल्ममेकर और कलाकार Alex Prager के निर्देशन में एक शॉर्ट फिल्म भी बनाई गई है। इसमें एक महिला मीटिंग के लिए भागती हुई एक बदलती दुनिया से गुजरती है, जहां अलग-अलग किरदारों पर आईवियर नजर आता है और रोजमर्रा के दृश्य एक अतियथार्थवादी रंग ले लेते हैं।
29 अक्टूबर को आठ शहरों - सियोल, टोक्यो, शंघाई, बीजिंग, बैंकॉक, कुआलालंपुर, मेलबर्न और पेरिस - में विशेष पॉप-अप स्पेसेज़ भी खुलेंगे। इन इंस्टॉलेशंस में अनियमित आकार, अधूरी संरचनाएं और विपरीत सामग्रियों के जरिए कलेक्शन की केंद्रीय सोच को आगे बढ़ाया गया है।
यह लॉन्च दिखाता है कि आज एक फैशन हाउस और आईवियर ब्रांड का सहयोग किस तरह काम कर सकता है। प्रोडक्ट एक पूरे विजुअल यूनिवर्स का केंद्र बन जाता है, जो फिल्म, भौतिक स्पेसेज़ और परफॉर्मेंस आर्ट के जरिए एक साथ सामने आता है। आईवियर इस प्रोजेक्ट के केंद्र में जरूर है, लेकिन आकर्षण सिर्फ इन पीसेज़ के दिखने में नहीं, बल्कि उन विचारों में भी है जो ब्रांड्स ने इनके इर्द-गिर्द गढ़े हैं।